Sunday
Sep 23rd
Text size
  • Increase font size
  • Default font size
  • Decrease font size
Click here to Enroll Prelims Test Series 2018

निबंध

कृषि का सतत विकास

महात्मा गांधी अक्सर कहा करते थे कि पूर्ण स्वराज का रास्ता ग्राम स्वराज होकर जाता है। उन्होंने ग्रामीण भारत की सेवा करने के लिए उत्सुक कुछ छात्रों को संबोधित करते हुए 80 वर्ष पहले कहा था, ‘‘हक्रीकत यह है कि ग्रामवासियों को कोई उम्मीद ही नहीं है। वे हर अजनबी पर संदेह करते हैं कि उसका हाथ उनके गले तक पहुंचेगा और जो कोई भी आता है

Last Updated ( Saturday, 28 July 2012 08:54 )

Login to read more...
 

साम्प्रदायिक सद्भाव और भारत

भारत एक विशाल देश है, जहां सदियों से विभिन्न धर्मों के लोग मिल-जुल कर रहते आ रहे हैं। सहिष्णुता, बहु-समाजवाद और मेल-मिलाप से रहने की समृद्ध ...

Last Updated ( Thursday, 26 July 2012 12:18 )

जलवायु परिवर्तन और कृषि

वैसे तो जलवायु परिवर्तन कोई नयी परिघटना नहीं है। यदि भूगर्भिक इतिहास पर नजर डाली जाये तो यह स्वतः ही सिद्ध हो जाता है, यूरोप में 1550 से  ...

Last Updated ( Friday, 20 July 2012 10:16 )

Login to read more...

सतत ऊर्जा का मार्ग

भारत रूपी रथ के विकास का पहिया उदारीकरण के बाद से बहुत तेजी से चलने लगा है। इसकी गति को बनाये रखने के लिए सरकार ने इस रथ के तमाम कल-पूर्जों ...

Last Updated ( Wednesday, 18 July 2012 11:24 )

Login to read more...

पंचायती राज समस्याएं और उपाय

आधुनिक  काल में लोकतांत्रिक आदर्शों के क्रियावन्यन के लिए जिस विकेन्द्रीकरण की बात की जाती है उससे भारतीय जनमानस कभी भी अनभिज्ञ नहीं रहा...

Last Updated ( Saturday, 21 July 2012 05:38 )

Login to read more...
Page 3 of 3