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Mar 20th
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अरूणाचल प्रदेश में शासन की पुर्नस्थापना

किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन के निरसन का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि यह लोकप्रिय सरकार की पुर्नस्थापना का मार्ग प्रशस्त करता है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि राष्ट्रपति शासन अल्पकाल के लिए राज्य में हुई संवैधानिक रिक्तता को भरने के लिए उपयुक्त हो सकता है परन्तु इसे अधिक समय तक कानूनी उलझनों के कारण लागू रखना किसी भी परिस्थिति में उचित नही कहा जा सकता है।

यह माना जा रहा है कि जैसे ही अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल जे.पी राजखोवा निलंबित विधानसभा को पुनर्जीवित करेंगे वहां पर राजनैतिक खींचतान शुरू हो जाएगी। कांग्रेस का सोचना है कि पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी की सरकार पुनः सत्ता की हकदार बनेगी। यद्यपि इस बात की भी पूरी संभावना है कि राज्यपाल भारतीय जनता पार्टी समर्थित कांग्रेस के बागी कालिखों पुल को सरकार के गठन के लिए आमंत्रित करें। पुल ने अपने लिए 32 विधायकों के समर्थन की बात कही थी जिसके अब बढ़कर 58 तक पहुंचने की उम्मीद है परन्तु अरूणाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष द्वारा 14 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने वाले फैसले पर गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाया जाना पुल के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है क्योंकि अब ये 14 विधायक विश्वास प्रस्ताव पर मत दे सकते हैं। यद्यपि संवैधानिक पीठ ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय को निलम्बित विधायकों की निर्योग्यता की जांच करते हुए यथाशीघ्र अन्तिम फैसला सुनाएं जाने के दिशानिर्देश दिए हैं।

कानूनी तौर पर राज्यपाल मुख्यमंत्री पद के लिए उपलब्ध विकल्पों में से बहुमत प्राप्त किसी भी व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद के लिए आमंत्रित कर सकता है, परंतु जहां तक बहुमत का सवाल है, निलम्बित 14 विधायकों की सरकार के गठन में अहम भूमिका हो सकती है। यदि राज्यपाल निलम्बित विधायकों पर उच्च न्यायालय का फैसला आने से पूर्व पुल को सरकार के गठन के लिए आमंत्रित कर देते हंै तथा पुल कांग्रेस के बागी विधायकों की मदद से अगर जीत कर विधानसभा में पहुंच जाते हंै तो भी इसके बाद अगर संवैधानिक बैंच राष्ट्रपति शासन को अवैध घोषित कर देती है तो यह एक गम्भीर उलझन वाली स्थिति हो सकती है।

अतः इससे कोई शक नहीं की अरूणाचल प्रदेश में पिछले कुछ महीनों शासन का संकट उत्पन्न हो गया है। अतः निर्विवाद रूप से अरूणाचल का राष्ट्रपति शासन दलगत राजनीति के चलते एक संवैधानिक संकट में बदल गया है।