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कार्टाेसैट-2 का प्रक्षेपण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 23 जून, 2017 को अपने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी- सी38 (PSLV- C38) का श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण किया गया।

इसके माध्यम से कार्टाेसैट-2 (Cartosat-2) श्रृंखला के दूर संवेदी पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह और 30 अन्य नैनो उपग्रहों को उनकी कक्षाओं में स्थापित किया गया। 712 कि.ग्रा. भारित कार्टाेसैट-2 सीरीज सैटेलाइट पीएसएलवी-सी38 की यह 40 वीं उड़ान थी।

इसके जरिये भेजा गया उपग्रह कार्टाेसैट-2 श्रृंखला की छठी कड़ी है। यह भारत का अंतरिक्ष में तीसरा पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह है। यह उपग्रह विशेष स्थानों के उच्च रेजोलूशन वाले चित्र उपलब्ध कराएगा। उल्लेखीय है कि उड़ान के दौरान राकेट के इंजन का पुनः प्रज्वलन इस अभियान की एक प्रमुख विशेषता थी।

पीएसएलवी-सी38 द्वारा भेजे गए 30 सह-यात्री उपग्रहों में से एक भारत द्वारा निर्मित एनआईयूसैट (NIUSAT) उपग्रह भी था जिसे तमिलनाडु, के नूरुल इस्लाम विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किया गया था।

29 सह-यात्री उपग्रह

देश उपग्रहों की संख्या

संयुक्त राज्य अमेरिका 10

यूनाइटेड किंगडम 3

बेल्जियम 3

इटली 3

इसके अतिरिक्त इसमें आॅस्ट्रिया, चिली, चेक गणराज्य, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, जापान, लाटविया, लिथुआनिया तथा स्लोवाकिया के एक-एक उपग्रह शामिल थे। इस सफल प्रक्षेपण के साथ भारत के पीएसएलवी द्वारा कक्षा में विदेशी के प्रमोचित उपग्रहों की कुल संख्या 209 हो गई है। पीएसएलवी द्वारा प्रमोचन किए जाने वाले भारतीय उपग्रहों की कुल संख्या अब 48 हो गई है।

 
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