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भारत-साइप्रस के बीच 4 समझौते

साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस अनास्तासियाड्स (Nicos Anastasiades) अपनी 5 दिवसीय भारत यात्रा पर 25 अप्रैल, 2017 को मुंबई आये। 2013 में राष्ट्रपति बनने के बाद यह भारत की उनकी पहली यात्रा है। महामहिम राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने 28 अप्रैल, 2017 को राष्ट्रपति भवन में निकोस अनास्तासियाड्स की अगवानी की जहां उन्हें गार्ड आॅफ हाॅनर दिया गया।

श्री मुखर्जी ने कहा कि उनसे पहले साइप्रस के लगभग सभी राष्ट्रपति भारत यात्रा पर आ चुके हैं इसलिए उन्हें इस परंपरा का निर्वहन करते देखकर हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। 28 अप्रैल, 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस राष्ट्रपति निकोस अनास्तासियाड्स (Nicos Anastasiades) की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता संपन्न हुई जिसके बाद भारत और साइप्रस के मध्य वायु सेवाओं और व्यापारिक नौवहन सहित निम्नलिखित कुल 4 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

1. 2017-2020 के लिए संस्कृति, शिक्षा और वैज्ञानिक सहयोग पर एक कार्यक्रम पर हस्ताक्षर।

2. 2017-2018 की अवधि के लिए कृषि में सहयोग की एक कार्य योजना पर हस्ताक्षर।

3. व्यापारिक नौवहन के क्षेत्र में सहयोग पर एक अन्य समझौते पर हस्ताक्षर।

4. दोनों देशों के बीच वायु सेवाओं को बढ़ावा देने से सम्बंधित समझौते पर हस्ताक्षर।

28 अप्रैल, 2017 को निकोस अनास्तासियाड्स ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को साइप्रस के सर्वाेच्च नागरिक सम्मान, ग्रैंड काॅलर आॅफ आॅर्डर आॅफ मकारियो-III (Grand Collar of the Order of Makarios III) प्रदान किया। अपनी यात्रा में निकोस ने राजघाट में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की तथा उन्हें ‘साइप्रस के आध्यात्मिक नेता’ और ‘साइप्रस के स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरणास्रोत’ के रूप में भी वर्णित किया। प्रधानमंत्राी मोदी ने 48 देशों के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत की दावेदारी का समर्थन करने हेतु साइप्रस का स्वागत किया। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस अनास्तासियाड्स ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) हेतु भारत की स्थायी सदस्यता का भी समर्थन किया।

बताते चलें कि साइप्रस भारत का 8वां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। वर्ष 2016 में पूंजी और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने के लिए भारत और साइप्रस ने दोहरे कराधान से बचाव के समझौते को संशोधित किया था। साइप्रस वर्ष 2016 में यूरोजोन में सबसे अधिक वृद्धि दर हासिल करने वाले देशों में से एक रहा है। राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि भारत साइप्रस के साथ अपने दीर्घकालिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को महत्व देता है तथा भारत-साइप्रस के रिश्ते हमारे संस्थापकों, महात्मा गांधी और आर्कबिशप माकारियोस के बीच वैचारिक समानताओं की बुनियाद पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि भारत और साइप्रस दोनों ही आतंकवाद का दंश झेल रहे हैं। इस वैश्विक बुराई का मुकाबला अकेले नहीं, बल्कि सभी सभ्य समाजों और देशों को द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर करना होगा।

 
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